क्या गर्भावस्था में पपीता खाने से गर्भपात का भय होता है ? (Does Papaya causes Abortion?)

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मान्यता-

अनादिकाल से ही अनेक परिवारों और विभिन्न सभ्यताओं में यह मान्यता व्याप्त है कि गर्भवती माता द्वारा पपीते के सेवन से गर्भपात या समय-पूर्व प्रसव का खतरा बढ़ जाता है। अतः गर्भावस्था में पपीते के सेवन को वर्जित माना जाता है।

तथ्य-

कच्चे पपीते में पपेईन नामक एन्ज़ाईम होता है, जो आंतों में मरोड़ पैदा कर सकता है। हांलाकि इस पेट दर्द का गर्भपात से कोई संबंध नहीं होता, किंतु, यह भय कि इस दर्द के कारण गर्भपात ना हो जाए, पपीते को वर्जित माना जाता है।

मान्यता के विपरीत, अनेक शोधों से यह सत्यापित हो चुका है कि पपीता ‘विटामिन ए‘ का समृद्ध स्त्रोत्र होता है और गर्भावस्था में इसका सेवन से लाभप्रद होता है।

 

Nutritional-Facts-Papaya1

सूचनाः

उक्त जानकारियाँ गर्भावस्था और शिशुपालन संबंधित विषयों पर सामाजिक जागरुकता पैदा करने हेतु साझा की गई हैं, ताकि, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर माँ एवं शिशु मृत्यु दर कम की जा सके। लेखक द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया गया है, कि दर्शाई गई जानकारियाँ प्रामाणिक स्त्रोत्र से सही प्राप्त की गई हों। हालांकि उन के पालन से पहले अपने स्वास्थ अधिकारी से अवश्य चर्चा करें। 


DOES PAPAYA CAUSES MISCARRIAGE

Raw papaya is rich in an enzyme called “Papain”, which can cause intestinal cramps. However, this cramp and pain does not cause miscarriage. Hence the popular social fear of papaya causing miscarriage, that has lead to the avoidance of papaya in pregnancy do not hold true.

In contradiction, the scientific literature says that since Papaya is a rich natural source of Vitamin A, it is beneficial for both mother and fetus. Also, since the enzyme Papain is denatured in ripe papaya, it do not cause pain.

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Disclaimer:

The information is shared to create awareness towards Pregnancy and Childcare to reduce maternal and child deaths. Atmost care has been taken by the author to include the verified information from authentic sources. However, kindly discuss the same with your health care provider before implementation.