जन्म पश्चात् शिशु की गर्भनाल की देखरेख। (Umblical Cord stump care)

जन्म पश्चात् शिशु की गर्भनाल की देखरेख। (Umblical Cord stump care)

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गर्भावस्था में शिशु को माँ से आँवल एवं गर्भनाल के माध्यम से ही पोषण प्राप्त होता है। गर्भनाल काटकर ही शिशु को माँ से प्रथक किया जाता है। जन्म पश्चात् शिशु की गर्भनाल साधारणतः दो सप्ताह में सिकुड़ कर यह लाल, गुलाबी, सफेद, भूरी और फिर काली पड़ते हुए झड़ जाती है। और नाभी क्षेत्र पूर्णतः भर जाता है।

cord

किंतु तब तक गर्भनाल की देखरेख अत्यंत आवश्यक होती है।

  • गर्भनाल को स्वच्छ पानी या बीटाडीन की सहायता से साफ रखें।
  • गर्भनाल को साफ कपड़े की सहायता से सूखा रखें।

cord cleaning

  • बिना चिकित्सक की सलाह से गर्भनाल पर कोई भी दवाई या रसायन ना लगायें।
  • सूखने के दौरान गर्भनाल के मुख पर थोड़ा रक्त दिख सकता है। घबराने की आवश्यकता नहीं।
  • गीलापन रहनें से संक्रमण होने का भय रहता है।
  • गर्भनाल झड़ने तक शिशु को स्पंज के माध्यम से भी साफ-सुथरा रखा जा सकता है।
  • गर्भनाल को स्वतः झड़ने देना चाहिए। खींचने से अत्याधिक रक्त स्त्राव हो सकता है। दो सप्ताह तक ना झड़ने की अवस्था में अपने चिकित्सक से संपर्क करें।
  • अत्याधिक रक्त स्त्राव होने की स्थिति में स्वच्छ धागा बांध कर शीघ्रतम अपने चिकित्सक से संपर्क करें।
  • संक्रमण की अवस्था में गर्भनाल लाल एवं सूजी प्रतीत होती है। उससे मवाद या दुर्गंध आती हो या शिशु को बुखार आने पर शीघ्रतम अपने चिकित्सक से संपर्क कर दवाई देनें से शिशु को खतरे से बचाया जा सकता है।

cord infection

  • कुछ शिशुओं में नाभी के स्थान पर अतिरिक्त टिश्यु विकसित हो ग्रेन्यूलोमा बन जाता है।

cord granuloma

  • नाभी के स्थान पर कुछ शिशुओं को हर्निया विकसित हो जाता है, जो 1 – 2 वर्ष में स्वतः ठीक हो जाता है।

cord hernia

सूचनाः

उक्त जानकारियाँ गर्भावस्था और शिशुपालन संबंधित विषयों पर सामाजिक जागरुकता पैदा करने हेतु साझा की गई हैं, ताकि, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर माँ एवं शिशु मृत्यु दर कम की जा सके। लेखक द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया गया है, कि दर्शाई गई जानकारियाँ प्रामाणिक स्त्रोत्र से सही प्राप्त की गई हों। हालांकि उन के पालन से पहले अपने स्वास्थ अधिकारी से अवश्य चर्चा करें। 



Umblical Cord stump care

 Baby gets its nourishment from the the mother through the placenta and umblical cord. At birth the baby is separated from the mother by cutting the umblical cord. It degerates and sheds within two weeks of the birth and the base heals in the form of umblicus. During degeneration it changes its color from red into pink, white, brown and then black subsequently.

cord

Till the umblical stump heals, it needs proper care.

  • Clean the umblical stump with clean water and betadine.
  • Dry the stump with piece of clean cloth. Do not keep the stump moist, as it may lead to infection.

cord cleaning

  • Do not apply any medicine or chemical at the stump without the prescription from the Doctor.
  • There may be little bleeding from the stump during the process of healing, Do not panic.
  • Till the umblical cord sheds, the baby can be sponged instead of bathing.
  • Allow the umblical remnant to shed spontaneously. Do not pull, else it may lead to trauma and torrential and fatal bleeding. If the cord do not shed in 2 weeks, contact the Doctor.
  • In case of infection, the stump would be red and inflammed. There may be a foul smelling pus pouring from the stump, fever, presistent cry etc. Contact the Doctor immidiatly, else it may be fatal.

cord infection

  • In some children, the overgrowth of the tissue at umblical stump may lead to granulation formation.

cord granuloma

  • Some children develop umblical hernia at the stump site due the muscular weakness. However, it usually resolves spontaneously in 1 to 2 years.

cord hernia

Disclaimer:

The information is shared to create awareness towards Pregnancy and Childcare to reduce maternal and child deaths. Atmost care has been taken by the author to include the verified information from authentic sources. However, kindly discuss the same with your health care provider before implementation.