नवजात शिशु को स्नान कैसे कराँऐं। (How to bathe a Newborn?)

नवजात शिशु को स्नान कैसे कराँऐं। (How to bathe a Newborn?)

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नवजात शिशु को स्नान करवाना किसी कठिन परिक्षा से कम नहीं। कोमल नन्हीं काया, चंचल, असंतुलित नाजुक शरीर, सदैव फिसल कर गिरने का भय और स्नान के समय आँख, मुँह एवं श्वास नलिका में पानी जाने का डर शिशु के स्नान को भयावह कार्य बना देतें है। किंतु किंचित प्रशिक्षण एवं सावधानियों से शिशु की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

क्या शिशु को रोज़ स्नान करवाना आवश्यक है?

  • अगर शिशु के शरीर विशेषकर चेहरा, गर्दन, जननांग एवं मलद्वार को साफ-सफाई से रखा गया है, तो प्रतिदिन केवल साफ कपड़े द्वारा स्पंज व सप्ताह में तीन बार स्नान करवाना भी काफी है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अनुसार शिशु की गर्भनाल झड़ने तक मात्र स्पंज ही काफी होता है।
  • अधिक स्नान से शिशु की चमड़ी शुष्क होकर फटने की संभावना होती है।

शिशु के स्नान के समय ध्यान देनें योग्य बातें।

  • मध्यांह का समय जब वातावरण का तापमान अनुकूल हो, सर्वश्रेष्ठ होता है। अत्याधिक भोर एवं रात्री के समय शिशु को ठंड लगने का भय होता है।
  • जल्दबाजी में ना नहलायें। ताकि आप शिशु को संपूर्ण ध्यान दें सकें।
  • शिशु को स्नान करवानें से पहले सभी आवश्यक वस्तुऐं जैसे साबुन, शैंपू, पानी, बॉल्टी, टॉवल, डायपर, पहनाने के वस्त्र इत्यादि समीप व्यवस्थित रखें। ताकि व्यर्थ की भगदड़ से बचा जा सके।

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  • पहले बॉल्टी में ठंडा पानी लें, फिर गर्म पानी मिलाऐं, ताकि भूलवश शिशु के जलने की संभावना ना रहे। पहले स्वयं हाथ डालकर परिक्षण कर लें।
  • स्वयं के लिए सुविधाजनक कपड़े पहने, जिससे शिशु के गिरने, क्षति पहुँचने, या आ
  • शिशु को टब या बाथरुम में अकेला ना छोड़ें।
  • स्नान के समय अपने एक हाथ से शिशु को सदैव सहारा दें, और एक हाथ अन्य क्रियाओं जैसे साबुन लगाना, पानी डालना, पोंछना इत्यादि के लिए मुक्त रखें।

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  • शिशु को गोद में लेते समय विशेषकर गर्दन एवं रीढ़ की हड्डी को उचित सहारा दें, ताकि गिरने का भय ना रहे एवं उसे असुविधा ना हो।
  • चेहरे पर अचानक पानी डालने से शिशु भयभीत हो सकता है।
  • शिशु को ऐसे सहारा दें, जिससे साबुन आँखों में ना जाऐं।
  • पलकें व आँखे साफ करने के लिए कोमल रुई या कपड़े का ही उपयोग करें।
  • वे स्थान जहां पसीने एवं गंद जमा हो सकती है, जैसे कान व गर्दन के पीछे, बगल कांख में, घुटने के पीछे, ऊंगलियों के मध्य, जननांग एवं मलद्वार इत्यादि विशेष रुप से साफ करें।
  • अगर शिशु पानी से खेलना पसंद करता है, तो उसे थोड़ी देर खेलने दें, ताकि उसका भय निकल सके।
  • शिशु के लिए उपलब्ध विशिष्ठ साबुन एवं शैंपू का ही प्रयोग करें।

शिशु के स्नान के स्पंज के दौरान ध्यान देनें योग्य बातें।

  • शिशु को समतल उचित तापमान वाली सतह पर टॉवल, कंबल या अन्य कपड़े पर लिटाऐं।
  • शिशु को किनारे या फिसलने वाली जगह पर ना लिटाऐं।
  • शिशु को स्पंज करने से पहले स्वंय के हाथ साबुन से धोऐं।
  • उचित तापमान वाले पानी में भीगा हुआ कोमल कपड़ा, निचोड़ने पश्चात् जिसका अतिरिक्त पानी निकाल दिया हो, स्पंज के लिए प्रयोग करें।
  • शिशु की आँखे पोछने के लिए नर्म रुई का प्रयोग करें।
  • वे स्थान जहां पसीने एवं गंद जमा हो सकती है, जैसे कान व गर्दन के पीछे, बगल कांख में, घुटने के पीछे, ऊंगलियों के मध्य, जननांग एवं मलद्वार इत्यादि विशेष रुप से साफ करें।

शिशु के स्नान के पश्चात् ध्यान देनें योग्य बातें।

  • साफ कोमल कपड़े से शिशु के शरीर को पूर्णतह विशेषकर कान व गर्दन के पीछे, बगल काँख में, घुटने के पीछे, ऊंगलियों के मध्य, जननांग एवं मलद्वार इत्यादि विशेष रुप से पोछें।
  • हल्के हाथ से शरीर पर मॉस्चाराईज़िंग क्रीम या तेल लगाऐं।
  • शिशु के लिए पर्याप्त आकार का स्वच्छ डायपर पहनायें।
  • स्नान के पश्चात् अधिकांशत् शिशु सो जाते हैं।

सूचनाः

उक्त जानकारियाँ गर्भावस्था और शिशुपालन संबंधित विषयों पर सामाजिक जागरुकता पैदा करने हेतु साझा की गई हैं, ताकि, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर माँ एवं शिशु मृत्यु दर कम की जा सके। लेखक द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया गया है, कि दर्शाई गई जानकारियाँ प्रामाणिक स्त्रोत्र से सही प्राप्त की गई हों। हालांकि उन के पालन से पहले अपने स्वास्थ अधिकारी से अवश्य चर्चा करें। 


How to bathe a Newborn?

Bathing a newborn is a difficult task. Little body, tender soft skin, lack of self control, risk of fall, and possibility of water spilling into eyes, nose, ears or respiratory tract makes it like a nightmare. But proper guidance, patience and practice can aid in developing skills of successful baby care.

Is it essential to bathe the baby daily?

  • If the proper hygeine of face, neck, armpits, genitals and anus is maintained, then daily simple sponge and thrice a week bathing may suffice. According to the suggesstions from American academy of Pediatrics, proper sponge may be adequate until the umblical cord sheds and stump heals to maintain the hygeine.
  • Infact, excessive bathing may lead to dryness & soreness of skin.

Things to remember while bathing the newborn?

  • Afternoon is the best time to bathe the baby due to optimum temparature. Low atmospheric temparatures in early morning and late nights may lead to hypothermia.
  • Do not bathe the baby in haste. Give adequate time and attention to the baby. Kindly take proper care while bathing.
  • Before you take the baby for bath, kindly arrange all the necessary things like soap, shampoo, towel, bucket, diapers, cloths etc. so that you can avoid panic.

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  • Always fill the bucket with water at room temparature first and then add warm/hot water according to the requirement. This may avoid accidental burns due to spillage of prefilled hot water. Also, kindly check the temparature of water yourself, before pouring on the baby.
  • Wear comfortable cloths while handling the baby to avoid risk of fall.
  • Do not leave the baby alone in the bathroom.
  • During bathing, always support the baby with one hand, while you use other for applying soap, pouring water or wiping dry.

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  • Proper support to baby’s spine and neck may prevent risk of fall and also make the baby comfortable.
  • Do not pour the water over face forcefully, as it may create fear in baby’s mind.
  • Take due care to avoid spilling of soap lather into baby’s eyes.
  • Use cotton balls or soft cloth to clean the eye lashes.
  • Take adequate care to clean the damp areas like behind the ear, base of neck, armpits, umblicus, genital area and anal region.
  • If the baby enjoys splashing the water, kindly permit them to play. It may aid them to overcome the fear of water and bathing.
  • Use separate soap and towel designated for the baby.

Things to remember while sponging the baby?

  • Place the baby on flat surface covered with towel or blanket and with optimum surface temparature.
  • Do not place the baby at corners or slippery surfaces to avoid risk of fall.
  • Always wash your hands properly before handling the baby.
  • Use a clean piece of soft cloth, soaked in water at optimum temparature for sponging. Remove the excess water before use.
  • Use cotton balls or soft cloth for cleaning the eye-lashes.
  • Take adequate care to clean the damp areas like behind the ear, base of neck, armpits, umblicus, genital area and anal region.

Things to remember after the bath?

  • Properly dry the complete body of the baby with a clean piece of towel made up of soft cotton material. Especially, take adequate care to clean the damp areas like behind the ear, base of neck, armpits, umblicus, genital area and anal region.
  • Gently apply oil or moisturising cream over the body.
  • Use clean diapers of adequate size.
  • Do not apply talcum powder, as aspiration of tiny particles may risk fatal pneumonia. Do not apply Kajal over eyes.
  • Most of the baby sleep properly for 3-4 hours after the bath.

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 Disclaimer:

The information is shared to create awareness towards Pregnancy and Childcare to reduce maternal and child deaths. Atmost care has been taken by the author to include the verified information from authentic sources. However, kindly discuss the same with your health care provider before implementation.