प्रसवोपरांत दूध के भेद । (Types of Milk)

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प्रसवोपरांत दूध के तीन भेद होते हैं ।

  1. कोलोस्ट्रम (Colustrum) – यह प्रसवोपरांत प्रथम 3 – 5 दिवस निकलने वाला पीले वर्ण का गाढ़ा स्तन्य है। इसमें प्रोटीन, खनिज लवण एवं व्याधि-प्रतिरोधात्मक तत्वों की मात्रा अधिक होती है। किंतु शर्करा एवं वसा की मात्रा कम होती है।
  2. सांक्रांतिक स्तन्य (Transtional Milk) – प्रसवोपरांत 5 दिवस से प्रथम दो सप्ताह तक निकलने वाला स्तन्य।
  3. परिपक्व स्तन्य (Mature Milk) – यह अपेक्षाकृत अधिक तरल परंतु शिशु की वृद्धि के लिए आवश्यक सभी घटकों से पूर्ण होता है।

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परिपक्व दूध के पुनः दो प्रकार होते है।

1- फोरमिल्क –

  • यह तरल, प्रोटीनयुक्त होता है।
  • इससे शिशु की तृष्णा शांत होती है।
  • प्रतिरोधात्मक तत्वों से युक्त होने के कारण यह शिशु को अनेक रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है।

2-  हाईंडमिल्क –

  • यह गाढ़ा, वसायुक्त होता है।
  • यह शिशु के लिए ऊर्जादायक होता है।
  • पौष्टिक तत्वों से युक्त होने के कारण यह शिशु का वजन बढ़ाने में सहायता करता है।

दोनों ही प्रकार आवश्यक होते हैं, अतः एक बार में शिशु को एक आंचल संपूर्ण दुग्धपान करवाना चाहिए।

सूचनाः

उक्त जानकारियाँ गर्भावस्था और शिशुपालन संबंधित विषयों पर सामाजिक जागरुकता पैदा करने हेतु साझा की गई हैं, ताकि, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर माँ एवं शिशु मृत्यु दर कम की जा सके। लेखक द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया गया है, कि दर्शाई गई जानकारियाँ प्रामाणिक स्त्रोत्र से सही प्राप्त की गई हों। हालांकि उन के पालन से पहले अपने स्वास्थ अधिकारी से अवश्य चर्चा करें। 



Types of Breast Milk

The breast milk after delivery is of three types:

  1. Colustrum – It is the thick, yellowish milk secreted in first 3 to 5 days of delivery. It is rich in proteins, minerals and protective antibodies. However, it contains low sugar and fat.
  2. Transtional Milk – It is secreted between 5th day to second week after birth. It is an intermediate stage between colustrum and mature milk.
  3. Mature Milk – It is relatively thin milk, but very nutritious for baby’s growth. It is rich in all essential components in adequate quantitiy.

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Mature milk is of two types :

1- Foremilk –

  • It is thin with low viscosity.
  • Rich in high protein content.
  • It satisfy the baby’s satiety and thirst.
  • It is rich in protective antibodies that provide passive immunity to the baby.

2- Hindmilk-

  • It is relatively thick and viscous.
  • Rich in fat content. Hence, it also contains fat soluble vitamins.
  • It provides energy to the baby.
  • Being rich in all essential nutrients, it plays vital role in weight gain of the baby.

Since, both the types of milk are essential for the baby’s growth and development, feed the baby completely from one side breast in one session and then switch to the other breast in next session.

Disclaimer:

The information is shared to create awareness towards Pregnancy and Childcare to reduce maternal and child deaths. Atmost care has been taken by the author to include the verified information from authentic sources. However, kindly discuss the same with your health care provider before implementation.