शिशु को कैसे लपेटें ? How to swaddle an Infant?

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गर्भकाल के अपने संपूर्ण नौ माह के सफर में शिशु माता के अंदर स्नेही, आरामदायक और सुरक्षित वातावरण  में निवास करता है। किंतु जन्म पश्चात बाहरी प्रतिकूल वातावरण में चमड़ी से जल वाष्पीकरण के परिणाम स्वरुप शरीर में पानी की अल्पता और वजन में कमी होना अपरिहार्य घटना होती है। यदि यह गिरावट सामान्य सीमा से अधिक हो तो यह शिशु के स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक और घातक स्थिति हो सकती है।

शिशु को नवीन संसारिक परिस्थितियों से सामंजस्य बैठाने में समय लग सकता है। उसे आरामदायक, मखमली सूती कपड़े में उचित तरीके से लपेटने से बाहरी वातावरण में अपने आप को ढालने में सहायता होती है।

शिशु को उचित तरीके से लपेटने के लाभ-

  • गर्भाशय स्वरुप आरामदायक, सुरक्षित और गर्म वातावरण प्राप्त होने पर शिशु बाहरी परिस्थितियों में भी स्वयं को सहज महसूस करता है।
  • अनुकूल वातावरण प्राप्त होने से शिशु कम रोते हैं।
  • उचित तरीके से लपेटने पर शिशु की अवांछित हलचल द्वारा निद्राभंग होने से रोकथाम होती है, जिसके परिणामस्वरुप वे स्तनपान पश्चात दीर्घ समय तक सो पाते हैं।
  • लपेटने से, स्तनपान के दौरान शिशु को नियंत्रित कर पाना सरल होता है और दुर्घटनावश माँ की कोख से फिसलकर उसके गिरने की संभावना कम हो जाती है।
  • उचित तरीके से लिपटे शिशु को सुगमता से एक-दूसरे के हाथों से अदला-बदली की जा सकती है और उसके फिसलकर गिरने की संभावना कम होती है।

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लपेटने के लिए उपयोगी कपड़े का विवरण-

  • कोमल मखमली सूती कपड़ा। इससे शिशु को उचित तापमान बनाए रखने में सहायता होती है।
  • आकार – 1 * 1 वर्ग मीटर का कपड़ा।

शिशु को लपेटनें के लिए उचित प्रक्रिया-

1- कपड़े को उपयुक्त समतल स्थान पर हीरे (चतुर्भुज) के रूप में बिछाऐं।

ध्यान रहे कि सतह ऐसी किसी भी हानिकारक वस्तुओं, जिससे शिशु को क्षति पहुँच सकती है या वह उस पर गिर सकती हो, से मुक्त हो।

s12- कपड़े के ऊपरी सिरे को इस तरह मोड़े जैसे “सुपरमैन” (औंधे पंचकोण ) का प्रतीक निर्मित होता है। 

मुड़े भाग की चौड़ाई शिशु के कंधों से अधिक होनी चाहिए।

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3- शिशु को कपड़े पर आरामदायक स्थिति में लिटाऐं।

शिशु की गर्दन मुड़े भाग पर और कंधे क्रीज़ से थोड़े निचले स्तर पर हों।

शिशु को लिटाते समय उसकी गर्दन और मेरुदंड (रीढ़ की हड्डी) को उचित सहारा दें, ताकि शिशु की गर्दन पर तनाव ना पड़े।

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4- शिशु के एक हाथ को बगल में स्थिर कर प्रथम पक्ष लपेटें

शिशु के एक हाथ को बगल में अपने हाथ से उचित दाब द्वारा स्थिर रखें। (अगर परेशानी हों तो उन्हें छाती अथवा पेट पर भी सुविधानुसार रख सकते हैं, किंतु ऐसे में शिशु को उचित तनाव से लपेटना संभव नहीं होता।)

उस तरफ के कपड़े के कोने को शरीर के ऊपर लपेटते हुए दूसरी तरफ पीठ के नीचे आराम से खोंसें।

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5- नीचे सिरे को बंद करें-

अपने हाथ से शिशु के हाथों को पुनः स्थिर करते हुए, नीचे के कोने को छाती के केंद्र की ओर गर्दन के नीचे तक ले जायें।

नीचे का सिरा बंद होने से शिशु के फिसल कर गिरने की संभावना कम हो जाती है।

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6- द्वितीय पक्ष लपेटें-

शिशु के दूसरे हाथ को बगल में स्थिर कर, उस ओर के कपड़े को शरीर के ऊपर लपेटते हुए दूसरी ओर शिशु के पीठ के नीचे तान देते हुए उचित तरीके से इस तरह खोंसे कि खुला किनारा लूज़ होकर ढीला ना पड़े।

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विशेष निर्देश-

  • शिशु को लपेटनें के लिए उपयुक्त कपड़े का प्रयोग करें, ताकि शिशु को अत्याधित गर्मी और असुविधा ना हो।
  • ध्यान रखें, कि शिशु की गर्दन और नाक पर दबाव ना पड़े अन्यथा दम घुटनें से उसके प्राण के लिए घातक हो सकता है।
  • अत्याधिक तनाव से ना लपेटे जिससे शिशु को श्वास लेने में असुविधा हो। तनाव इतना ज्यादा ना हो कि फेफड़ों के क्रियाशीलता में हस्तक्षेप हो और ना ही इतना ढीला कि लपेटना का लाभ ही ना हो।
  • लपेटने के पश्चात कुछ समय तक शिशु की श्वास प्रवृत्ति पर ध्यान रखें।
  • लपेटने के दौरान शिशु की अवस्था उपयुक्त हो, ताकि उसके जोड़ो पर तनाव ना पड़े।
  • लपेटने के दोरान ध्यान रहे, कि भूलवश मुँह में चुसनी ना हो, अन्यथा शिशु का दम घुट सकता है।

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  • लपेटने के पश्चात शिशु को पीठ के बल लिटायें ताकि उसे सुविधा हो।
  • शिशु को उपयुक्त गद्दे पर ही लिटाऐं। अत्याधिक नरम गद्दे पर पलटने पर दम घुटने का भय रहता है।
  • शिशु के समीप बिस्तर पर अनावश्यक वस्तुऐं जैसे तकिये, खिलौने इत्यादि ना रखें। अन्यथा उनका शिशु पर गिरने से क्षति या दम धुटने का भय बना रहता है।

सूचनाः

उक्त जानकारियाँ गर्भावस्था और शिशुपालन संबंधित विषयों पर सामाजिक जागरुकता पैदा करने हेतु साझा की गई हैं, ताकि, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर माँ एवं शिशु मृत्यु दर कम की जा सके। लेखक द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया गया है, कि दर्शाई गई जानकारियाँ प्रामाणिक स्त्रोत्र से सही प्राप्त की गई हों। हालांकि उन के पालन से पहले अपने स्वास्थ अधिकारी से अवश्य चर्चा करें। 

 

 

how-to-swaddle-the-baby

During the journey of nine months of fetal life, the baby lives in a closed, warm, comfortable, safe and secure atmosphere in the womb. After birth, the baby is immediately exposed from Mother’s body temperature of 37 degree Celsius to the atmospheric temperature of 25 degree Celsius. The exposure to outer atmosphere, leads to dehydration and weight loss. The baby may take little time to get adjust to change in living conditions.Swaddling is wrapping babies in warm, comfortable, soft blankets to help soothe newborns from the shock of entering this world.

Advantages of proper swaddling:

  • Mimics the conditions of the womb and keep the baby warm and secure.
  • The baby cries less as they are more comfortable and calmer.
  • It prevents disturbance from random reflex movements of baby and hence allow them to sleep longer.
  • Allow better control over baby while breast feeding and prevent from accidental slipping from Mother’s hands due to quick random movements.
  • Prevent from fall while change of hands.

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Specifications for a swaddling blanket:

  • Cloth Material – Soft Cotton muslin cloth. It would help to maintain the right neonatal body temperature, neither too hot, not too cold.
  • Size – 1mX 1m

 1- Lay out the blanket on a flat surface in diamond shape.

The surface should be free from any item that the baby can grab, harm the baby or can fall on it.
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2- Fold down the top corner of the blanket in “Superman” symbol shape (inverted pentagon) –

Then length of the fold should result in a fold crease that is longer than your baby’s shoulders. s2

3- Place the baby-

Place the baby on the blanket with its neck is on the fold and shoulders slightly below the fold crease.

Take due care to support the neck and spine of the baby while placing the baby.

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4- Move the baby’s arm into side position and Wrap the first side-

Place the baby’s arm at its side to swaddle it properly. However, if difficult, it can be placed on chest/ tummy with elbows bent as it remains in the womb. However, in flexed position, tight swaddle is not possible.

Stabilize one arm of the baby gently with your one hand.

Pull the corner of the blanket of that side of arm that you are holding over the baby’s body and tuck fit snugly underneath its back on the other side to hold the baby’s arm in place at its side.

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5- Close the bottom of the swaddle

Pull the bottom corner of the blanket up towards the center of the chest and hold it there with your stabilizing hand.

Closing the bottom end between the two lateral sides prevents the slipping of baby from below.

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6- Wrap the second side & tuck in the loose corner-

Gently place the baby’s other arm at its side and holds it in place.

Pull the corner of the blanket of this side over the baby’s body and tuck fit snugly underneath its back on the other side.

With the last portion of the blanket wrapped around the baby, take the corner of the blanket, pull it horizontally across the baby’s back, to tuck it into one of the blanket folds.

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Important instructions:

  • Select appropriate cloth to prevent overheating.
  • Make sure that there is room at neck to avoid airway block and suffocation, as it may lead to sudden infant death syndrome. However, swaddling itself cannot cause SIDS. If precautions are taken, swaddling is very safe and beneficial to your baby.
  • Don’t swaddle very tightly, as it may interfere with breathing and filling of lungs with air. The swaddle should be tight enough that they can inhale, just not loose enough that they can get their arms free. Keep an eye on your baby for a few minutes and make sure their breathing isn’t labored, if you’re worried.
  • Swaddle the baby properly with proper care to avoid injury to the baby like hip dislocation etc.
  • Never swaddle a pacifier into a baby’s mouth. It can cause choking.

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  • Keep your baby on its back when swaddled so that it can breathe free and easy.
  • Use a firm mattress in baby’s crib as it will let baby sleep and keep them safe. A mattress which is too soft can suffocate a baby, if they do end up face-down in the crib.
  • Remove excess pillows, stuffed animals and other items from the crib to avoid suffocation or injury to the baby, when pushed against them.

Disclaimer:

The information is shared to create awareness towards Pregnancy and Childcare to reduce maternal and child deaths. Atmost care has been taken by the author to include the verified information from authentic sources. However, kindly discuss the same with your health care provider before implementation.