शिशु में गुणसूत्र संबंधित विकार हेतु निदान। Screening Tests to suspect Chromosomal Abnormalities in Baby.

शिशु में गुणसूत्र संबंधित विकार हेतु निदान। Screening Tests to suspect Chromosomal Abnormalities in Baby.

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मनुष्य की कोशिकाओं में 46 गुणसूत्र (क्रोमोसोम) होते हैं – 22 जोड़े ऑटोसोम और 1 जोड़ा सेक्स क्रोमोसोम (महिला में XX और पुरुष में XY)।

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इन क्रोमोसोम पर असंख्य जीन (आनुवांशिकता की मूलभूत इकाई) स्थित होते हैं, जिनके माध्यम से पीढ़ी दर पीढ़ी वंशानुगत लक्षण स्थानांतरित होते हैं। ये लक्षण विशिष्ट प्रोटीन निर्माण के माध्यम से अभिव्यक्त होते हैं। ये प्रोटीन ही कोशिकाओं के सर्वांगीण विकास और विशिष्टिकरण के माध्यम से उनके निर्धारित कार्य को नियंत्रित करते हैं।

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इन क्रोमोसोम या जीन की संख्या, आकार, प्रकार या अन्य विकार परिणामस्वरुप शिशु में भी संरचनात्मक, कार्यात्मक या विकास संबंधित विकार उत्पन्न कर सकते हैं। कुछ विकार मामूली हो सकते हैं जिनसे शिशु के जीवन या कार्यशैली पर किंचित भी दुष्प्रभाव ना पड़े। किंतु कुछ विकार उसके लिए घातक एवं जानलेवा भी हो सकते हैं।

प्रकृति का मूलभूत नियम है – सामर्थवान को ही जीवन का हक है।

अतः भ्रूण में घातक विकार होने की अवस्था में प्रकृति अधिकांशतः प्रथम तिमाही में ही गर्भपात करा देती है। वास्तव में प्रथम तिमाही में होने वाले लगभग 50 प्रतिशत गर्भपात के पीछे भ्रूण में गुणसूत्र संबंधित विकार ही ज़िम्मेदार होते हैं।

जीवित जन्में शिशुओं में लगभग 0.5-1 प्रतिशत शिशुओं में गुणसूत्र संबंधित विकार पाये जाते हैं। जिनमें अधिकांशतः डाऊन सिंड्रोम (21वे क्रोमोसोम की अतिरिक्ता) जो कि सर्वाधिक है के अलावा पटाऊ सिंड्रोम (13वे क्रोमोसोम की अतिरिक्ता), एडवर्ड सिंड्रोम (18वे क्रोमोसोम की अतिरिक्ता) और टर्नर सिंड्रोम (45X0 – X क्रोमोसोम की अल्प संख्या) से ग्रसित होते हैं।

गुणसूत्र संबंधित विकार के संभावना निम्नावस्थाओं में अधिक होती है।

  • गर्भवति माता की आयु > 35 वर्ष।
  • माता में पूर्ववर्ती गर्भावस्था में शिशु में क्रोमोसोम या जीन संबंधित वंशानुगत विकार।
  • परिवार में विकृत शिशु की उपस्थिति।
  • माता में शर्करा (डायबटीज़), मिर्गी इत्यादि जैसे गंभीर रोग।
  • माता यदि हृदय या मस्तिष्क संबंधित रोगों के कारण ऐसी जीवनरक्षक दवाईयों पर हो जिनसे शिशु में विकार उत्पन्न होने की संभावना हो। जैसे खून पतला करने के लिए उपयोगी एसिट्रोम या वारफरिन, मिर्गी रोधक वॉल्प्रोयेट इत्यादि।

शिशु में गुणसूत्र संबंधित विकार हेतु निदान।

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सूचनाः

उक्त जानकारियाँ गर्भावस्था और शिशुपालन संबंधित विषयों पर सामाजिक जागरुकता पैदा करने हेतु साझा की गई हैं, ताकि, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर माँ एवं शिशु मृत्यु दर कम की जा सके। लेखक द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया गया है, कि दर्शाई गई जानकारियाँ प्रामाणिक स्त्रोत्र से सही प्राप्त की गई हों। हालांकि उन के पालन से पहले अपने स्वास्थ अधिकारी से अवश्य चर्चा करें। 



Screening Tests to suspect Chromosomal Abnormalities in Baby

The human diploid cell has total 46 chromosomes classified into 22 pairs of autosomes (44 chromosomes) and 1 pair of sex chromosomes (Female XX & Male XY Chromosomes).

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They contain several genes, the basic unit of information that is transferred from one generation to another. This information is translated and expressed through the production of specialized proteins that help the cells to grow, differentiate into different organs and function properly.

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The abnormalities of number, size or shape of chromosomes or genes may result in multiple structural, developmental, functional, or metabolic abnormalities in the baby. Some of these may be minor and correctable whereas others may be lethal.

The nature follows the rule, Survival of the Fittest. Hence the major abnormalities that is incompatible to life, results in miscarriage especially in first trimester. In fact, Chromosomal abnormalities are thought to be responsible for at least 50 percent of miscarriages that happen in the first trimester.

The incidence of chromosomal abnormalities in live babies is approximately 0.5-1%. Down syndrome (Trisomy21) is the most common chromosomal disorder among live births. The others are Patau’s syndrome (Trisomy13), Edward’s syndrome (Trisomy18) and Turner’s syndrome (Monosomy45X0).

Risk factors for Chromosomal Abnormalities in baby?

  • Advanced maternal age > 35 years.
  • Previous child with chromosomal/ genetic abnormalities.
  • Family history of anomalous baby with genetic/ chromosomal/ structural abnormalities.
  • Medical disorders like Diabetes or Epilepsy in mother.
  • Mothers on essential drugs for Cardiac or Neurological diseases which has teratogenic side effects like Acitrom, Warfarin, Valproate etc.

Diagnostic Tests to Detect Fetal Abnormalities:

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Disclaimer:

The information is shared to create awareness towards Pregnancy and Childcare to reduce maternal and child deaths. At most care has been taken by the author to include the verified information from authentic sources. However, kindly discuss the same with your health care provider before implementation.