स्तनपान के लाभ । (Advantages Of Breast Feeding)

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प्रसूति पश्चात् शिशु के जन्म के साथ ही प्रारंभ होती है, माता की नई जवाबदारी – स्तनपान। नवजात को जन्म के तुरंत बाद से ही प्रथम 6 माह तक केवल माँ का दूध ही देना चाहिए। पानी या अन्य कोई भी खाद्य पदार्थ का सेवन वर्जित होता है। अन्य पशुओं का दूध उनके बछड़े के लिए, जबकि मनुष्य का दूध विशिष्ट रूप से उसके नवजात के लिए निर्मित होता है। केवल विशेष परिस्थितियों में ही चिकित्सकीय सलाहानुसार शिशु को अन्य कोई तत्व पान करवाना चाहिए। स्तनपान माता एवं शिशु दोनों के लिए ही अत्यंत आवश्यक एवं लाभकारी होता है।

स्तनपान से शिशु को लाभ-

  • माँ का दूध प्राकृतिक रूप से शिशु वृद्धि के लिए आवश्यक सभी घटकों से परिपूर्ण होता है। इसमें विटामिन , बी एवं डी, सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम भी पर्याप्त मात्रा में मिलता है।
  • यह प्रदूषण, अपमिश्रण एवं उपसर्ग से रहित होता है। अतः उपसर्गजनित रोग होने की संभावना कम होती है।
  • इसके माध्यम से अवांछित प्रतिजनात्मक प्रभाव (Allergic Reactions) होने की संभावना बहुत कम होती है।
  • व्याधिक्षमता बढ़ाने वाले तत्वों (Antibodies) से परिपूर्ण होने के कारण यह शिशु को अनेक रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है।
  • बिना मूल्य या तैयारी के वांछित ताप में तत्काल ही उपलब्ध हो जाता है।
  • मनुष्य का दूध लैक्टाल्बुमिन नामक प्रोटिन युक्त एवं हीन परासरणी भाव (Low Osmotic Load) वाला होने से शिशु के लिए पाचन में सरल होता है एवं उससे शिशु के पाचनतंत्र या गुर्दे पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता।
  • यह अल्प सारक होता है।
  • स्तनपान से शिशु के फेफड़े, जबड़े, मसूड़े व दांत विकसित होने में सहायता होती है।
  • माता के स्वस्थ सहसंबंध के कारण शिशु की मानसिक वृद्धि एवं स्वास्थ्य अच्छा होता है। यह दोनों के मध्य भावनात्मक बंधन बनाने भी सहायता करता है।
  • स्तन्यपोषित शिशुओं को भावी जीवन में कुपोषण, मोटापा, दमा, निमोनिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह (शर्करा) इत्यादि जघन्य रोगों से ग्रसित होने की संभावना कम होती है।


स्तनपान से माता को लाभ-

  • माँ को आत्मसंतुष्टि व सुख का अनुभव होता है।
  • स्तनपान के दौरान संवेदी नाड़ी की उत्तेजना के कारण पश्च् पीयूषग्रंथी (Posterior Pituitary) से ऑक्सीटोसिन नामक हार्मोन स्त्रावित होता है। यह दुग्ध के निष्कासन (Milk Expression), गर्भाश्य के अंतर्वलयन (Uterine Involution) एवं जननांगों के सामान्यीकरण में सहायक होता है।
  • बीजोत्सर्ग के अभाव में स्तनपान स्वतः गर्भनिरोधक का कार्य करता है।
  • यह माता को स्तन, गर्भाश्य व अण्डकोशिका के कैंसर से बचाता है।

स्तनपान के अभाव में गाय के दूध के दुष्प्रभाव-

  • गाय के दूध में केसीन नामक प्रोटीन अधिक होता है, जो शिशु को पचाने में आसान नहीं होता।
  • गाय के दूध में फास्फेट की मात्रा अधिक होती है, जिसके परिणामस्वरूप नवजात के रक्त में कैल्शियम व मैग्नेशियम की कमी होने से उसे मिर्गी के झटके आ सकते हैं।
  • गाय के दूध में अधिक सोडियम व परासरणी भाव होने से उसकी तृष्णा नहीं मिटती। अतः वह ज्यादा दुग्धपान करता है, जिसके परिणामस्वरूप मोटापा बढ़ सकता है।
  • वह शिशु जिनमें ऊपर से दूध पिलाया जाता है, उनमें श्वास व आंते संबंधित संक्रमण व अवांछित प्रतिजनात्मक प्रभाव (Allergic Reactions) अधिक होते हैं।

सूचनाः

उक्त जानकारियाँ गर्भावस्था और शिशुपालन संबंधित विषयों पर सामाजिक जागरुकता पैदा करने हेतु साझा की गई हैं, ताकि, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर माँ एवं शिशु मृत्यु दर कम की जा सके। लेखक द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया गया है, कि दर्शाई गई जानकारियाँ प्रामाणिक स्त्रोत्र से सही प्राप्त की गई हों। हालांकि उन के पालन से पहले अपने स्वास्थ अधिकारी से अवश्य चर्चा करें। 



Advantages Of Breast Feeding

Breast feeding is both, the birth right of a newborn and moral responsibility for a mother. It is mandatory to exclusively breast feed the baby for first 4 to 6 months. Until advised by the Doctor, no top feed in any form is recommended. Nature has designed the breast milk for various mammals differently to suit their newborns. So, the cow’s milk is best for its calf and in human beings, mother’s milk for its newborn.

Establishment of successful breast feeding is advantageous to both- Mother & Newborn.

Benefits of Breast feeding to Baby-

  • Mother’s milk is a complete food for the newborn. It contains all the essential components required for the appropriate growth and development of the baby. It is also rich in Vitamin A, B & D, Minerals etc.
  • It is free from contamination, adulteration and infections. Hence, it is safe.
  • The incidence of unwanted allergic reactions towards breast milk is less.
  • It is rich in protective maternal antibodies and hence offers passive immunity to the newborn.
  • It is available free of cost.
  • It is available at appropriate temparature and do not need any pre-treatment before consumption.
  • Mother’s milk is easily digestible as it is rich in special protein called Lactalbumin and has low osmotic load. As a result, it has no harmful effects on baby’s Gastro-intestinal tract, liver or kidneys.
  • Breast feeding helps in lungs expansion and development of jaws and teeth.
  • The tender mother-baby contact aids in physical, mental and emotional development of the baby and helps establish a bond between them.
  • The evidences prove that, the exclusively breast fed babies suffer less from malnutrition, obesity, asthama, pneumonia, adult onset diabetes or blood pressure etc.


Benefits of Breast feeding to Mothers-

  • Succesful lactation gives a sense of eternal happiness, pleasure and satisfaction to mothers.
  • During breast feeding, a hormone called Oxytocin is secreted from the posterior pituitary gland situated at the base of brain. It helps in milk expression to further aid breast feeding. It also causes involution of uterus and other genital organs to pre-pregnancy stage and reduces post-partum blood loss.
  • Lactational amenorrhoea (Absence of menses during breast feeding) works as contraception.
  • Successful breastfeeding offers mothers with protection against Breast, Uterine or Ovarian cancers.

Why cow’s milk is not preferred over Mother’s milk?

  • Cow’s milk is rich in protein called ‘Caesin’, which is not easily digestible.
  • It contains high quantity of Phosphates, which can chelate with calcium and magnesium in baby’s blood and their deficiency in blood may adversely lead to convulsions.
  • Cow’s milk is rich in sodium and has high osmotic load. Hence, it do not satisfy the thirst. As a result of which, baby may tend to overfeed and develop obesity.
  • The evidences prove that the incidence of respiratory and gastro-intestinal infections and allergic reactions is more common in top-fed babies.

Disclaimer:

The information is shared to create awareness towards Pregnancy and Childcare to reduce maternal and child deaths. Atmost care has been taken by the author to include the verified information from authentic sources. However, kindly discuss the same with your health care provider before implementation.