गर्भावस्था में सफेद पानी / धात (White discharge in Pregnancy)

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गर्भावस्था में जननांगों को अतिरिक्त रक्त प्रवाह के परिणामस्वरूप योनी मार्ग से अधिक अंतःर्स्त्राव होना स्वाभाविक है। किंतु यह स्त्राव थूक समान, पारदर्शी, बिना गंध व सामान्य मात्रा का होता है, जिससे अंतःवस्त्रों पर निशान नहीं पड़ते। एवं इसके कारण गर्भवति को अन्य असुविधा, जैसे खुजली, जलन, दर्द इत्यादि पीड़ा नहीं होती।

किंतु दही समान सफेद, पीला, हरा या मठमैले रंग का, अत्याधिक तरल या गाढ़ा, बदबूदार स्त्राव, जिसके फलस्वरूप गर्भवति को असुविधा, जैसे खुजली, जलन, दर्द इत्यादि पीड़ा होती है, यौन संक्रमण दर्शाता है। ऐसे में चिकित्सकीय परामर्श आवश्यक है।

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योनी मार्ग से पतले, पेशाब समान अत्याधिक पानी का अनचाहे छूटना शिशु को सुरक्षा प्रदान करने वाली ऐम्नियोटिक मेम्बरेन फटने का सूचक हो सकता है।

संक्रमण के संभव कारण –

1- जननांगों का गीलापन बने रहना या उनकी अनुचित देखरेख।

मूत्र विसर्जन की प्रक्रिया में पुरूषों में मूत्र शरीर से दूर निष्कासित होती है, किंतु स्त्रियों में यह लघु भगोष्ठ (Labia Minora) को स्पर्श कर गीला करते हुए निष्कासित होती है।

आदतन महिलाऐं योनी मार्ग को धोती तो है, किंतु ना सुखाने के कारण गीलापन बना रहता है। जिसके परिणाम स्वरुप एवं गर्भावस्था में निम्न प्रतिरोधक क्षमता के कारण निरंतर यौन संक्रमण बना रहता है, और सफेद पानी, खुजली, जलन, दर्द इत्यादि की शिकायत बनी रहती है। अतः महिलाओं को योनी मार्ग सूखा व साफ रखने की आदत विकसित करना चाहिए।

2- अंतःक्रीड़ा संबंधित यौन रोग – जैसे सिफिलिस, गोनोरिया, हरपीस इत्यादि।

3- सामुहिक स्थल पर अस्वच्छ बाथरूम व जल का उपयोग।

4- परिवार में सामुहिक कपड़े, अंतःवस्त्र, साबुन इत्यादि का उपयोग।

5- बिना चिकित्सीय सलाह के ऐंटिबॉयोटिक दवाईयों का उपयोग।

इससे योनी मार्ग पर स्थित मददगार परजीवी लैक्टोवेसिलस नष्ट हो जाने से हानिकारक जीवाणु सरलता से संक्रमण कर देते हैं।

योनी मार्ग सूखा व साफ रखने के कुछ सरल उपाय –

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  • मूत्र विसर्जन या स्नान पश्चात योनी द्वार को सर्वप्रथम कॉटन कपड़े, फिर टिश्यू पेपर से सूखा रखें। उसके बाद ही अंतःवस्त्रों को ग्रहण करें।
  • जननांग स्थित बालों को छोटा रखें।
  • संभवतः सामुहिक स्थलों पर शौचालयों का प्रयोग ना करें।
  • अंतःवस्त्रों को धूप में सुखाकर, प्रेस करने के बाद ही ग्रहण करें।
  • परिवार के सभी सदस्यों के अंतःवस्त्र प्रथक धुलने चाहिए।
  • एक – दूसरे के कपड़े, अंतःवस्त्र, साबुन इत्यादि का उपयोग ना करें।
  • जननांगों पर किसी भी प्रकार के पाउडर, परफ्यूम या रसायन का इस्तमाल ना करें।
  • हाथ के नाखून छोटे रखें।

सूचनाः

उक्त जानकारियाँ गर्भावस्था और शिशुपालन संबंधित विषयों पर सामाजिक जागरुकता पैदा करने हेतु साझा की गई हैं, ताकि, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर माँ एवं शिशु मृत्यु दर कम की जा सके। लेखक द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया गया है, कि दर्शाई गई जानकारियाँ प्रामाणिक स्त्रोत्र से सही प्राप्त की गई हों। हालांकि उन के पालन से पहले अपने स्वास्थ अधिकारी से अवश्य चर्चा करें। 



White discharge in Pregnancy ?

In Pregnancy, as a result of increased blood supply to the genital organs, there is a increase in vaginal secretions. This physiological discharge is mucoid, transluscent, without foul smell, in optimum amount and do not stain the undergarments. It do not cause any discomfort, pain, burning or itching.

But, highly copious thick curdy or discoloured discharge, that is foul smelling, stains the undergarments and causes discomfort, pain, burning or itching to the pregnant mother is abnormal. It denotes infection and needs further evaluation and treatment.

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Involuntary leakage of urine like copious discharge from vagina may indicate premature rupture of amniotic membranes.

Causes of Genital Infection:

1- Moistness of Genitalia.

When males mictuirates, their flow of urine passes away from the body. But, in case of females it wets the labia minora.

Habitually the females clean their vulva by washing, but, fails to dry. As a result of which the persistent moisture in the genitalia along with decreased immune system in pregnancy leads to persistent and recurrent vaginal infections and abnormal white discharge leading to discomfort, pain, burning and itching. So, the females must develop of keeping their genitalia dry and clean.

2- Sexually Transmitted Infections like Syphylis, Gonorrhoea, Herpes etc.

3- Use of public toilets and dirty water.

4. Use of common cloths and toiletries amongst family members leading to cross infections.

5. Irrational use of antibiotics lead to destruction of normal vaginal commensal bacteria – lactobacillus, leading to vulvo-vaginitis.

Simple methods to keep genitalia dry and clean –

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  • After every time you use toilet, dry the genitalia with cotton cloth followed by tissue paper and then wear under garments.
  • Keep pubic hair short.
  • As far as possible, avoid using public toilets.
  • Dry undergarments in sunlight and iron them before wearing.
  • Undergarments of family members should be washed separately.
  • Avoid interchangeable use of personal cloths and toiletries.
  • Do not use any kind of powder, perfume or chemicals at genitalia.
  • Keep your finger nails short.

Disclaimer:

The information is shared to create awareness towards Pregnancy and Childcare to reduce maternal and child deaths. Atmost care has been taken by the author to include the verified information from authentic sources. However, kindly discuss the same with your health care provider before implementation.