32 सप्ताह – खुशखबरी। आपका शिशु अब सपनों की दुनिया में विचरता होगा। (32 weeks – Surprise! Your baby might be dreaming!)

32 सप्ताह – खुशखबरी। आपका शिशु अब सपनों की दुनिया में विचरता होगा। (32 weeks – Surprise! Your baby might be dreaming!)

32 weeks 1

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आपका शिशु अब लगभग 42-44 सें.मी. लंबा और 1500- 1700 ग्राम वजनी होगा। उसके वजन में अब औसतन 30-40 ग्राम प्रतिदिवस की वृद्धि होगी।

उसके फेफड़े अब पर्याप्त परिपक्व हैं कि वह सुगमता से श्वास ले सके और आपसे स्वछंद जीवन जी सके।

उसका नाड़ी तंत्र, मस्तिष्क और मेरुदंड तीव्रता से विकसित हो रहे हैं। वह जीवनोपरांत आवश्यक सभी मूल प्रतिक्रियाओं जैसे गटकना, श्वास लेना, हाथ-पैर चलाना इत्यादि का अभ्यास करने में व्यस्त हैं।

निरंतर हलचल और शारीरिक वृद्धि के फलस्वरूप  उसकी अस्थियाँ और माँसपेशियाँ अब अधिक बलवती हो रही हैं।

ऐम्नियोटिक द्रव्य की अल्पता और उसके कारण उपलब्ध रिक्त स्थान की कमी के कारण शिशु की हलचल अब पहले से सीमित होगी। घबरायें नहीं। किंतु, उसकी दैनिक हलचल की ध्यान अवश्य रखें। अगर आप शिशु की हलचल का अनुभव नहीं कर पा रही हैं, तो तुरंत एक ग्लास जूस या शेक का सेवन करें। संभव है कि उर्जा के अभाव या निद्रा के कारण शिशु विश्राम कर रहा होगा। अगर फिर भी दुविधा हो तो किसी परिजन से निवेदन करें कि वे आपके पेट पर कोमल हाथ रख कर शिशु की हलचल को महसूस करने का प्रयास करें। पुनः संशय बने रहने पर तुरंत अपने चिकित्सक से संपर्क करें।

लेन्यूगो केश के झड़ने के कारण शिशु की त्वचा अब पहले से कोमल और नाजुक होगी। त्वचा की निम्न परतों में वसा के निरंतर संग्रहण के फलस्वरूप उसकी त्वचा अब मोटी और अपारदर्शी हो चुकी होगी। उसके नखून बढ़ रहे होंगें।

शिशु की जागने और सोने की समयावली अब अधिक नियमित हो चुकी है।  आपको यह जानकर अचरज होगा कि वह सोते समय अब सपने भी देखता होगा। सपनें निद्रा के आर.ई.एम चरण के दौरान मन में छवियों, विचारों, भावनाओं और उत्तेजनाओं का अनैच्छिक प्रसंस्कारण होता है। अतः अपने शिशु से वार्तालाप करें, अपने सुविचार साझा करें, मधुर संगीत श्रवण करें और उसे गुणवर्तक सपनों की दुनिया की सैर करने दें।

गर्भावस्था के 32 वे सप्ताह में आपमें होने वाले शारीरिक और क्रियात्मक परिवर्तन सर्वाधिक उच्चस्तर पर होते हैं। इस दौरान कुछेक माताओं में गर्भावस्था प्रेरित उच्च रक्तचाप, शर्करा इत्यादि होने की भी संभावना बढ़ जाती है। अतः गर्भावस्था में नियमित चिकित्सीय परिक्षण अवश्य करवायें।

शिशु के आकार वृद्धि और श्रोणि स्नायुबंध के शिथिल पड़ने के फलस्वरुप आपकी चाल बतखनुमा हो गई होगी। विकासशील गर्भाशय के द्वारा दृष्टि बाधित होने से और मेरुदंड की काठ में अस्थिरता के परिणामस्वरुप आपके असंतुलित होकर गिरने की संभावना बढ़ सकती है। अतः सीढ़ियों के उपयोग और झटकेदार हलचलों से बचें।

सूचना-

उक्त जानकारियाँ साझा करने का मूल मकसद आपके और शिशु के मध्य वात्सल्य प्रेमबंध विकसित करना है। ये जानकारियाँ वैज्ञानिक दस्तावेज़ों से प्राप्त की गई हैं। किंतु, प्रत्येक शिशु का विकास भिन्न गति से हो सकता है।



32 weeks – Surprise! Your baby might be dreaming!

He is around 42-44 cms long and weigh 1500 to 1700 grams. He would now gain around 30-40 grams per day.

Congratulations your baby’s lungs are just mature enough to help him breathe independently.

  • The nervous system is maturing fast. The baby is busy practicing the skills that would help him after birth – rooting, swallowing, sucking, breathing, kicking etc.
  • The bones and muscles are gradually stronger.
  • The baby now has lesser space to move freely. Hence, you may also experience lesser movements. Keep daily track of fetal movements count. If you are not able to perceive the movements, drink a glass of juice or shake, as your baby might be hypoglycemic. You may also ask someone to keep the hand gently over your tummy to perceive the movements. If still confused, then contact your healthcare provider to ensure the safety of baby.

The skin is softer and smoother with shedding of lanugo hair. It continues to deposit fat underneath and hence is more opaque. The finger nails are growing.

Baby’s sleep-wake cycle is more regular.

Do you know he can now dream? The dreams are involuntary processing of images, ideas, emotions and sensations in mind mainly during the REM phase of sleep. So, talk to your baby, share your thoughts, listen melodious music and let him dream well.

The pregnancy changes are most dynamic at 32 weeks of gestation. It is now onwards that some of the mothers may develop Pregnancy induced hypertension or Gestational Diabetes. So, visit your Doctor every fortnight for regular antenatal checkups.

As the baby grows and stretches your pelvis and the ligaments loosen to prepare for, your gait may change to waddling.

As the gait becomes unstable due to waddling and excessive lumbar lordosis and the growing abdomen hampers your vision, there may be increased risk to fall. So, kindly avoid using stairs, balancing exercises or sudden movements.

Disclaimer-

The purpose to share this information is to sensitize you to enhance the bondage between you & baby. This broad information is purely based on the scientific data collected. However, every child may grow at a variable pace.