5 सप्ताह- आपके शिशु के शारिरिक अंगों का विकास प्रारंभ हो चुका हैं। (5 weeks- Your baby’s body structure has started taking shape! )

5 सप्ताह- आपके शिशु के शारिरिक अंगों का विकास प्रारंभ हो चुका हैं। (5 weeks- Your baby’s body structure has started taking shape! )

5weeks

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इस सप्ताह में आपके शिशु के अंगों के विकास प्रारंभ होता है।

वह अभी मात्र मूंगफली के दानें के आकार का होगा और दिखनें में मेंढक के बच्चे के समान।

कुछ वैज्ञानिक मानते हैं, कि मनुष्य का भ्रूण अपने विकास के दौरान, पशु प्रजाति के क्रमिक विकास की सभी अवस्थाओं को सदृश करता है।

आपके शिशु के भीतर अभी अनेक महत्वपूर्ण परिवर्तन हो रहें हैं, जैसे-

1- जननशील तीनों परतों ( एक्टोडर्म, मीसोडर्म और एण्डोडरर्म) का विशिष्ट अंगों के निर्माण हेतु विभेदन।

2- भ्रूणीय मंडल के असमान विकास और आवृत होने के कारण भ्रूण का मेंढक के बच्चे के समान प्रतीत होना।

3- भ्रूण के शरीर के अंदरूनी और बाहरी वातावरण में रिक्त स्थान के निर्मित होने के कारण विभिन्न गुहिकायुक्त अंगों या आवरण का निर्माण होना।

4- आँवल निर्माण की प्रक्रिया में आपका भ्रूण अपनी आक्रमणकारी बाहरी ट्रोफोब्लास्टिक कोशिकाओं की सहायता से आपकी रक्त धमनियों में छिद्र कर अपने पोषण की पूर्ती हेतु रक्तकोष स्थापित करता है।

सतत जारी अंग निर्माण की प्रक्रिया के परिणामस्वरुप, छटवे सप्ताह के समापन तक –

  • आपके शिशु का हृदय एक ट्यूब के रूप में विकसित होकर शीघ्र ही सुचारुरूप से धड़कने लगेगा।
  • नाड़ी तंत्र का वह सिरा जो कि मस्तिष्क को मेऱुदंड से जोड़ता है, नियमित विकासित होता है।
  • जननशील परतों के विभेदन के कारण प्रायः सभी अंगों की नियती और स्थान निर्धारित हो उनका निर्माण प्रारंभ हो जाएगा।

हालांकि अपने भ्रूण में होने वाले इन परिवर्तनों से आप अनभिज्ञ होंगें, किंतु गर्भावस्था के कुछ लक्षण आपका ध्यान आकर्षित कर सकते हैं। जैसे, जी मचलाना, मतली होना, थकान, कमजोरी, अत्याधिक मूत्र विसर्जन, पेट दर्द इत्यादि।

अगर आपको योनिमार्ग से कुछ रक्त के छींटे दिखें तो भी घबरायें नहीं।  आँवल निर्माण की प्रक्रिया में जब शिशु माँ की रक्तधमनियों में छिद्र करता है, तो मामूली रक्त स्त्राव साधारण लक्षण है। अगर शिशु में कोई भी अनुवांशिक या संरचनात्मक विकृति नहीं है, तो इस रक्तस्त्राव से शिशु को किंचित भी हानि नहीं होगी। शिशु की कुशलता सोनोग्रॉफी के माध्यम से सुनिश्चित की जा सकती है।

प्रथम कुछ सप्ताह मे मामूली पेट दर्द साधारण लक्षण है। यह विकासशील शिशु द्वारा गर्भ पर जोर डालने के कारण होता है

गर्भावस्था के इस पड़ाव पर प्रथम सोनोग्रॉफी से अनेक महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त की जा सकती हैं।

1- विकासशील भ्रूण का आरोपण स्थान। सामान्यतः भ्रूण की उत्पत्ती जरुर फेलोपियन ट्यूब (गर्भनाल) में होती है, किंतु उसका आरोपण गर्भाशय की अंदरुनी भित्ती में ही होता है। अतः यह प्रथम सोनोग्रॉफी यह बताती है कि भ्रूण सामान्यतः निर्धारित स्थान पर आरोपित हुआ है, या फिर वह अस्थानिक है (Ectopic Pregnancy)

2- निषेचित भ्रूणों की संख्या। जुड़वा या उससे अधिक शिशु, उनकी समानता और आँवल की प्रवृत्ति।

3- गर्भकोष (Gestational sac) में भ्रूणीय स्थल (Fetal pole) की उपस्थिति जो कि अवश्यंभावी भ्रूण निर्माण को सूचक होता है।

4- स्वस्थ अण्डपीत कोष की उपस्थित भ्रूण की कुशलता का सूचक होती है।

5- संभावित प्रसव की तारीख का निर्धारण विकासशील गर्भकोष के आकार के माध्यम से किया जा सकता है।

आप जन्मदाता बन अपने शिशु को जीवनदान देने वाले हैं। शिशु आप पर एक परजीवी की तरह पूर्णतः आश्रित होगा। अतः स्वस्थ जीवनशैली का अनुसरण कर आप स्वयं और शिशु दोनों की कुशलता सुनिश्चित कर सकती हैं।

Diet in Pregnancy

Exercises in Pregnancy

सूचनाः

उक्त जानकारियाँ गर्भावस्था और शिशुपालन संबंधित विषयों पर सामाजिक जागरुकता पैदा करने हेतु साझा की गई हैं, ताकि, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर माँ एवं शिशु मृत्यु दर कम की जा सके। लेखक द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया गया है, कि दर्शाई गई जानकारियाँ प्रामाणिक स्त्रोत्र से सही प्राप्त की गई हों। हालांकि उन के पालन से पहले अपने स्वास्थ अधिकारी से अवश्य चर्चा करें। 



5 weeks- Your baby’s body structure has started taking shape! 

This weeks is very crucial, as it marks the beginning of your baby’s organ formation.

Your baby is very tiny, hardly measures of a size of a peanut seed . It resembles more like a tadpole.

According to many researchers, its embryological development would  subsequently resemble the phases of evolution of animal kingdom.

The main changes happening in your baby are:

1- Differentiation of cells of three Germ layers to lay the foundation of specific organ formation.

2- Differential growth and folding of embryonic disc,  giving it an appearance of a tadpole.

3- Development of spaces within the baby (intra-embryonic spaces – cavities) or outside (extra-embryonic spaces like chorio-amniotic cavity, yolk sac).

4- Finger like projections (Villi) from its outer trophoblastic tissue invades into your blood vessels to form Primitive Placenta to initiate Maternal-Fetal Blood circulation.

As a result of the ongoing process of organs formation, close to completion of 6 weeks,

  • Your baby’s tiny heart develop as a tube and will begin pumping blood soon.
  • The neural tube, which connects its brain and spinal cord continue to grow.
  • The site of all the organs of the body is well established and their development begins.

How ever, you would remain unaware about these changes happening inside your womb. You may just experience early signs of pregnancy-

  • Nausea, Morning Sickness, Fatigue, Increased urination, abdominal pain etc.
  • If you experience little spotting from vagina during this phase, Don’t Panic. It may be Implantation bleeding, due to invasion of your baby’s placenta into your blood vessels. It may not cause any harm to your baby. The fetal wellbeing can be confirmed on Ultrasound.
  • Little abdominal cramps are also common during this phase. Don’t Panic! It may be because of stretching of uterus by growing fetus.
  • The ultrasonography at this point of pregnancy would establish:

1- The location of developing fetus – normal pregnancy within the uterus or abnormal outside the uterus (Ectopic Pregnancy).

2- Number of developing fetus. Single or Multiple gestational sac. If multiple, then nature of zygocity, i.e. identical or non identical.

3- Presence of fetal pole within the gestational sac, that would form future embyro.

4- Presence of a good, turgid yolk sac indicates a healthy pregnancy.

5- Expected date of delivery can be estimated from the size of gestational sac.

You are becoming the ‘Creator’ by giving birth to a life. The baby would be entirely dependent on you like a parasite. So, kindly follow a healthy life style to ensure the safety of both baby and you.

Diet in Pregnancy

Exercises in Pregnancy

Disclaimer:

The information is shared to create awareness towards Pregnancy and Childcare to reduce maternal and child deaths. At most care has been taken by the author to include the verified information from authentic sources. However, kindly discuss the same with your health care provider before implementation.