7 सप्ताह – उच्च मस्तिष्क केंद्र का विकास। (7 weeks : Center for higher intelligence begin to develop!)

7 सप्ताह – उच्च मस्तिष्क केंद्र का विकास। (7 weeks : Center for higher intelligence begin to develop!)

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आपका शिशु अभी जामुन के आकार (लगभग आधा इंच) का होगा। वह अभी अपने अंदर प्रायः सभी अंगों में सर्वांगिण और विलक्षण विकास का अनुभव कर रहा है।

नाड़ी तंत्र-

  • उच्च मस्तिष्क केंद्रों (Cerebral Hemispheres) का विकास उसे उत्क्रांति (Evolution) में अन्य जीवों के भ्रूण से विशिष्ट बनाता हैं।
  • अपने आप को श्रेष्ठ सिद्ध करने पर आमदा है।
  • उसकी दृष्टि और सूंघने की नसें छोड़कर अन्य सभी कपाल नाड़ियाँ विकसित हो चुकीं होंगी।
  • उसकी पीयूषिका (पिट्यूटरी) ग्रंथी क्रियाशील हो अंतःस्त्राव उत्पादन करना प्रारंभ कर चुकी होंगी।

हृदय-

आपके शिशु का हृदय संरचना और कार्यक्षमता में अधिक परिपक्व हो एट्रिया और वैंट्रीकल खण्डों में विभाजित हो चुका होगा।

  • फेफड़ों की प्रारंभिक शाखा और आंतरिक झिल्ली विकसित होना प्रारंभ हो चुकी होंगी।
  • ग्रंथियां और रक्त धमनियों के विकास के साथ ही जिगर ने लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन प्रारंभ कर दिया होगा, जो कि शीघ्र ही उल्लेखनीयरुप से अस्थिमज्जा में होने लगेगा।
  • मीसोनेफ्रोन्स के विकास और विभेदिकरण के परिणामस्वरुप गुर्दे और सहयोगी मूत्र निकास तंत्र का निर्माण प्रारंभ हो चुका होगा।
  • उसकी हथेली और पंजों में नन्ही ऊँगलियाँ पल्लवित हो रहीं होंगी।

पंचेंद्रियों का विकास-

1- आँख-

आँखों के लेंस और नेत्रपटल पर रंगभेदी कोशकाओं का विकास।

2- कान-

कर्णकोष का विकास जिसके माध्यम से श्रवण और संतुलन क्षमता विकसित होगी।

3- नाक-

नासिकागुहा का विकास जिसके माध्यम से सूंघने की क्षमता का विकास होता है।

4- चमड़ी-

आपके शिशु की प्रारंभिक चमड़ी अभी बेहद कोमल और पारदर्शी होती है, अतः उसके नीचे स्थित नसें पूर्णतः दृष्टिकोचर होती हैं।

5- मुँह-

ग्रसनी आर्क का विकास जिससे भावी मुँह, जिव्हा, दांत, तालू इत्यादि निर्मित होंगे।

इस दौरान आप हार्मोनस् में परिवर्तन के कारण कमजोरी, थकान, व्यवहार में परिवर्तन जैसे गुस्सा, चिड़चिड़हट इत्यादि का अनुभव कर सकती हैं। प्रकृति नें ये सभी लक्षण माँ को संभवतः इसलिए दिए हैं, ताकि वह पर्याप्त विश्राम ग्रहण कर सके और शिशु सुरक्षित रह सके।

सूचनाः

उक्त जानकारियाँ गर्भावस्था और शिशुपालन संबंधित विषयों पर सामाजिक जागरुकता पैदा करने हेतु साझा की गई हैं, ताकि, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर माँ एवं शिशु मृत्यु दर कम की जा सके। लेखक द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया गया है, कि दर्शाई गई जानकारियाँ प्रामाणिक स्त्रोत्र से सही प्राप्त की गई हों। हालांकि उन के पालन से पहले अपने स्वास्थ अधिकारी से अवश्य चर्चा करें। 

 


 

7 weeks : Center for higher intelligence begin to develop!

Your baby is just about a size of a blackberry, measuring around half of an inch. It might be experiencing a series of overall dynamic development in all the organs.

Nervous System:

  • Its nervous system begin to become more specialized with the onset of development of cerebral hemispheres, which are considered as  the Centre for higher Intelligence.
  • The cranial nerves (except olfactory and optic) are developed.
  • The development of Pituitary gland initiate the foetal production of hormones.

Heart –

It matures and divide into Atria and Ventricle.

  • Lungs buds along with its inner respiratory linings begin to develop.
  • In liver, the hepatic glands and vascular channels grow and it begins to produce Red Blood cells to carry oxygen in your baby, until the bone marrow takes over the production.
  • The Mesonephrons develop. They would form the kidneys and excretory system.
  • The upper and lower limb buds continue to grow, with development of slightly webbed fingers and toes.

The primary sense organs begin to develop:

1- Eye –

The development of lens placode, which would give rise to lens. The Retinal pigment that would help in color differentiation.

2- Ear –

Development of auditory vesicles that would give rise to the vestibular and auditory system of inner ear that would subsequently help in body equilibrium and hearing.

3- Nose –

Development of Nasal placode, that would give rise to olfactory epithelium with the sense of smell.

4- Skin –

Your baby’s skin is presently paper thin and transclucent with underneath veins clearly visible.

5- Mouth –

The pharangeal arches have begin to develop, that would give rise to future mouth, pharynx, tongue, teeth and palate.

You may now experience Morning sickness, lethargy, weakness, mood swings and irritability due to hormonal changes. The nature has make suffer from these symptoms so that you take adequate rest and baby remains safe in womb.

Disclaimer:

The information is shared to create awareness towards Pregnancy and Childcare to reduce maternal and child deaths. At most care has been taken by the author to include the verified information from authentic sources. However, kindly discuss the same with your health care provider before implementation.